CM ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत; कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक कांड में FIR, अब साइबर टीम खंगालेगी पूरा नेटवर्क
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तेलीबांधा थाने में शिकायत, WhatsApp पर परीक्षा से 2 घंटे पहले पहुंचा था B.Sc. Agriculture का पेपर

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले ने अब पुलिस जांच का रूप ले लिया है। परीक्षा का प्रश्नपत्र विद्यार्थियों तक पहुंचने के मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट भी जांच में जुटेगी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि आखिर परीक्षा का गोपनीय प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर निकला, किसने उसे आगे भेजा और WhatsApp के जरिए विद्यार्थियों तक कैसे पहुंचा। लीक के पूरे स्रोत तक पहुंचने के लिए साइबर एंगल से भी जांच की जाएगी।
परीक्षा से दो घंटे पहले WhatsApp पर पहुंचा पेपर!
मामला B.Sc. Agriculture सेकंड ईयर के Entomology विषय की परीक्षा से जुड़ा है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र की तस्वीरें और सामग्री WhatsApp पर विद्यार्थियों के बीच वायरल हो गई थीं।
पेपर के परीक्षा से पहले ही बाहर आने की खबर से विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। परीक्षा की गोपनीयता और प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए।
विवाद बढ़ा तो परीक्षा ही रद्द
पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित Entomology प्रश्नपत्र को रद्द कर दिया। अब इस विषय की परीक्षा नए प्रश्नपत्र के साथ दोबारा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय की ओर से दोबारा परीक्षा की तारीख और समय की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
कौन है पेपर लीक के पीछे? साइबर टीम खंगालेगी कनेक्शन
अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेपर सबसे पहले किसके पास पहुंचा? प्रश्नपत्र की फोटो किसने खींची, किस माध्यम से बाहर भेजी गई और WhatsApp पर इसे किस-किस ने आगे फॉरवर्ड किया—इन सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी।
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट डिजिटल फुटप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और स्रोत तक पहुंचने की कोशिश करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र की गोपनीयता से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।
CM साय ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है और पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के घेरे में कौन?
पेपर लीक कांड में FIR दर्ज होने और साइबर टीम के जांच में शामिल होने के बाद अब विश्वविद्यालय से जुड़े उन लोगों पर भी नजर रहेगी, जिनके पास परीक्षा प्रश्नपत्र तक पहुंच थी। अब बड़ा सवाल यही है—परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp तक कैसे पहुंचा और इस पूरे खेल के पीछे आखिर कौन है? पुलिस और विश्वविद्यालय की जांच से जल्द कई राज खुलने की उम्मीद है।
